कमलनाथ ने आईआईएफए के लिए दिए थे 700 करोड़ रुपये, शिवराज बोले- कोरोना पर होगा खर्च


 


भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकैडमी अवॉर्ड्स-2020 IIFA अवॉर्ड के लिए दिए गए 700 करोड़ रुपये के फंड को कोरोना के खिलाफ जंग में लगाने का फैसला किया है। कांग्रेस पार्टी की कमलनाथ सरकार ने यह राशि भोपाल और इंदौर में प्रस्तावित इवेंट के लिए आवंटित की थी, जिसे अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कोविङ-19 से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ट्रांसफर करने का फैसला किया है। शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंतजामों की समीक्षा करते हुए कहा, प्रदेश में एक बड़ा आयोजन आईफा होने वाला था। वर्तमान में कोरोना संकट के चलते यदि आईफा पर व्यय होने वाली राशि कोरोना सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दी जाती है, तो उससे बड़ी संख्या में जनता को सहायता दी जा सकती है। शवराज ने किया था विरोधः IIFA-2020 इवेंट मार्च में होना था। कमलनाथ सरकार गिरने और कोरोना वायरस संकट की वजह से इसे कैंसल कर दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि यह इवेंट राज्य को दुनिया के कोने- कोने में प्रॉजेक्ट करेगा, क्योंकि 90 देशों में इसका प्रसारण किया जाएगा। इवेंट पर 700 करोड़ रुपये खर्च होने वाले थे। शिवराज सिंह चौहान ने यह कहकर इसका विरोध किया था कि इस रकम का इस्तेमाल बाढ़ राहत और किसानों का कर्ज माफ करने के लिए किया जा सकता है। हॉटस्पॉट किए जाएंगे सीलः शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए तैयारियों का जायजा लिया और कहा कि जिन इलाकों में कोरोना के मरीज हैं उन्हें हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया जाएगा और पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। प्रशासन को जरूरी वस्तुओं जैसे दूध, दवा की आपूर्ति का ध्यान रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने निदेर्श दिए कि प्रदेश में कोरोना से प्रभावित 15 जिलों के हॉटस्पॉट क्षेत्रों को पूरी तरह सील किया जाए। कोरोना से प्रभावित 03 जिलों भोपाल इंदौर में उज्जैन को पहले ही पूरा सील किया जा चुका है।