नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आगामी उत्सवों के मद्देनजर शुवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे 21 दिनों के लॉकडाउन का कड़ाई से अनुपालन करवाएं और किसी भी सामाजिक या धार्मिक जलसे एवं जुलूस की अनुमति नहीं दें। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को दिए संदेश में यह भी कहा कि किसी आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर उचित चौकसी रखी जानी चाहिए। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक अप्रैल महीने में आने वाले उत्सवों के मद्देनजर गह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें और किसी भी सामाजिक, धार्मिक जलसे या जुलूस की अनुमति नहीं दे। विज्ञप्ति के मुताबिक बृहस्पतिवार को शब-ए-बारात थी, आज गुड फ्राइडे है। बैसाखी, रंगोली बिहू, विशु, पोइला बैसाख, पुथांडू, महा विशुभा, संक्राति आदि भी अप्रैल में हैं। बता दें कि भारत में विदेशी नागरिकों सहित कोरोना वायरस महामारी से सं मित होने वालों की संख्या शुक्रवार (10 अप्रैल) को बढ़कर 6,412 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी। मंत्रालय ने शुक्रवार को आईआईएफए के लिए जारी आंकड़ों में कहा कि देश में कोविङ-19 संक्रमण के चलते 199 मौतें हुई हैं और वर्तमान में कुल 5,709 व्यक्ति महामारी से संक्रमित । वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 678 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 33 लोगों को इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है और 503 मरीज अब तक इस बीमारी लॉकडाउन दिए थे 700 से ठीक हो चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि गुरुवार (9 अप्रैल) को 16,002 कोरोना वायरस टेस्ट किए गए, जिनमें से केवल 2 प्रतिशत मामले ही पॉजिटिव मिले हैं